धेनु मानस सद्ग्रन्थ की रचना हिमालय में हुई. ऋषि मुनियों के आशिर्वाद से ही यह पूर्ण हुआ. जिसमें कि 450 दोहे और 3600 चौपाईयां हैं.
आप सिटी में रहते हो घर में गाय नही रख सकते तो कम से कम घर पर धेनु मानस तो रखो।जिससे गौमाता आप के दिल में रहगी ।
सभी हिन्दू भाई बहन जीवन में एक बार धेनु मानस ग्रन्थ (गौ गंगा कृपाकांक्षी गोपाल मणिजी महाराज द्वारा रचित)जरूर पढ़े। अपने घर पर मंगवाने के लिये सम्पर्क करे..
09760919896,09412968738
Tuesday, 28 July 2015
""धेनुमानस ग्रन्थ"" रचयिता ""संत श्री गोपालमणि जी महाराज""
अर्थ :-- हे श्री कृष्ण अनुगामी भक्तों आप लोग विचार करो क्या स्वामी श्री कृष्ण को गाय के बिना कुछ सुहाता है | जो लोग नित्य गाय के संग खड़े रहते हैं, उनका स्वागत प्रभु आगे बढ़कर करते हैं ||
You are putting best efforts to save life of a cow ( a great soul) took birth to produce positive energy for human being .
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