।। दिव्य धेनु मानस विचार ।।
इन्द्र कामधेनु को आगे करके श्री कृष्ण की शरण में आया और स्तुति करके श्री कृष्ण को मनाने लगा।भागवान श्री कृष्ण बोले हे देवराज सुनो तुमने गाय को आगे करके काम बना लिया।
जो लोग गाय को आगे कर देते है। उनका पाप में कभी नहीं गिनता हूँ। करोड़ अपार पाप भी उसी समय मिट जाते हैं, जब जीव गौ की पूँछ पकड़ता है।
धेनु मानस सद्ग्रन्थ की रचना हिमालय में हुई. ऋषि मुनियों के आशिर्वाद से ही यह पूर्ण हुआ. जिसमें कि 450 दोहे और 3600 चौपाईयां हैं. आप सिटी में रहते हो घर में गाय नही रख सकते तो कम से कम घर पर धेनु मानस तो रखो।जिससे गौमाता आप के दिल में रहगी । सभी हिन्दू भाई बहन जीवन में एक बार धेनु मानस ग्रन्थ (गौ गंगा कृपाकांक्षी गोपाल मणिजी महाराज द्वारा रचित)जरूर पढ़े। अपने घर पर मंगवाने के लिये सम्पर्क करे.. 09760919896,09412968738
Wednesday, 26 December 2018
दिव्य धेनुमानस विचार
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